प्रधान मंत्री ग्रामीण आवास योजना

 

 

 

प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना का उद्देश्य भारत के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों के लिए आवास उपलब्ध कराना है । इस योजना के तहत सभी बेघर और जीर्ण-शीर्ण घरों में रहने वाले लोगों को पक्का मकान बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी ।

प्रधान मंत्री ग्रामीण आवास योजना के मुख्य बिन्दु :-

  1. इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 1 करोड़ आवासों के निर्माण के लिए मदद प्रदान की जाएगी।
  2. इस योजना के अंतर्गत अगले तीन साल तक भारत सरकार द्वारा मदद की जाएगी |
  3. इस योजना के तहत वर्ष 2022 तक कुल 3 करोड़ घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है |
  4. अगले तीन साल में योजना के क्रियान्वयन के लिए भारत सरकार ने 81,975 करोड़ रूपए का बजट तय किया है |
  5. इस योजना के तहत समतल क्षेत्रों के सभी लाभार्थियों को घर बनाने के लिए 1.20 लाख और पहाड़ी क्षेत्रों के सभी लाभार्थियों को 1.30 लाख की वित्तीय सहायता भारत सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी |
  6. कुल अनुमानित व्यय का  60,000 करोड़ बजटीय आवंटन से और शेष वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) से की जाएगी |
  7. मैदानी क्षेत्रों में घरों के निर्माण की क़ीमत में लागत का 60:40 और पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों में 90:10 का अनुपात केंद्र और राज्य सरकारों के बीच साझा किया जायेगा |
  8. लाभान्वितों की पहचान का कार्य सामाजिक-आर्थिक-जातीय जनगणना-2011 (SECC-2011) की सूचियों का प्रयोग कर किया जाएगा |
  9. मकान का क्षेत्रफल मौजूदा 20 वर्ग मीटर से बढ़ाकर भोजन बनाने के स्वच्छ स्थान समेत 25 वर्ग मीटर तक किया जाएगा |
  10. इस योजना के तहत तकनीकी सहायता हेतु नेशनल टेकनिकल सपोर्ट एजेंसी का गठन किया जायेगा |
  11. शौचालय बनवाने के लिए 12000 / – रुपये की सुविधा प्रदान करने का प्रावधान है |
  12. धनराशि लाभान्वित के खाते में सीधे स्थानांतरित कर दी जाएगी |
  13. लाभार्थी को घर के निर्माण में मदद के लिए 70000 रुपये का ऋण प्रदान किया जायेगा जो वैकल्पिक है |
  14. विशेष परियोजनाएं विशेष जरूरतों के आधार पर राज्यों को मंजूर किया जायेंगे |
  15. लाभान्वित मनरेगा के अंतर्गत 90 दिनों के अकुशल श्रम का अधिकारी होगा |

योजना में आवेदन के लिए योग्यता

  1. अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति
  2. मुक्त बंधुआ मजदूर
  3. अल्पसंख्यक
  4. बीपीएल श्रेणी के गैर-अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति
  5. विधवा महिलाएं

योजना के अंतर्गत लाभार्थियों का चयन की प्रक्रिया :

लाभार्थियों का चयन और पहचान ग्राम सभा द्वारा SECC-2011 की सूची के माध्यम से आवास की कमी और अन्य सामाजिक अभाव मापदंडों के आधार पर किया जायेगा | लाभार्थियों की अंतिम सूची तैयार करने के 6 बिंदु इस प्रकार है :-

  1. योग्य लाभार्थियों की सूची तैयार करना |
  2. लाभार्थियों की सूची से उनकी प्राथमिकता सुनिश्चित करना |
  3. ग्राम सभा द्वारा प्राथमिकता सूची का सत्यापन करना |
  4. अपीलीय समिति द्वारा शिकायत का निवारणकरना |
  5. लाभार्थियों की अंतिम प्राथमिकता सूची का प्रकाशन करना |
  6. लाभार्थियों की वार्षिक चयन सूची तैयार करना |

 

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